अजीब खेल है उस परमात्मा का लिखता भी वही है मिटाता भी वही है भटकाता है राह तो दिखाता भी वही है उलझाता भी वही है सुलझाता भी वही है जिंदगी की मुश्किल घड़ी में दिखता भी नहीं मगर स...
कोई सराहना करे या निंदा लाभ आपका ही है, क्योंकि..... प्रशंसा प्रेरणा देती है और निंदा सुधरने का अवसर। आँसू जानते हैं कौन अपना है तभी तो अपनों के सामने टपक जाते है, मुस...
वक्त , ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घङी की तरह होते हैं, जिसे हम उतार कर रख भी दें, तो भी उनका चलना रुकता नहीं। जीवन के प्रति जिस व्यक्ति के पास सबसे कम शिकायतें हैं, वही सबसे ...